कार्डियोवस्कुलर आंतरिक चिकित्सा हृदय प्रणाली से संबंधित विभिन्न बीमारियों की रोकथाम, निदान और उपचार के लिए समर्पित है, जिनमें शामिल हैं:
कोरोनरी धमनी रोग: हृदय की कोरोनरी धमनियों में अपर्याप्त रक्त आपूर्ति के कारण होने वाला हृदय रोग।
● उच्च रक्तचाप: रक्तचाप का लगातार बढ़ना, हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाना।
● स्ट्रोक: अचानक सेरेब्रोवास्कुलर घटनाएं, जिन्हें इस्केमिक और रक्तस्रावी स्ट्रोक के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
● अतालता: असामान्य हृदय ताल, जैसे अलिंद फिब्रिलेशन, वेंट्रिकुलर समय से पहले धड़कन आदि।
● एथेरोस्क्लेरोसिस: धमनियों की दीवारों का सख्त होना, रक्त प्रवाह को प्रभावित करना और हृदय संबंधी जोखिम को बढ़ाना।
विभाग सटीक निदान और उपचार के लिए उन्नत चिकित्सा उपकरणों और प्रौद्योगिकियों से सुसज्जित है। इसमें उन्नत चिकित्सा उपकरण जैसे इलेक्ट्रोकार्डियोग्राफी मशीन, इकोकार्डियोग्राफी उपकरण, चुंबकीय अनुनाद इमेजिंग (एमआरआई), कंप्यूटेड टोमोग्राफी स्कैन (सीटी), और अन्य शामिल हैं। इन उन्नत चिकित्सा उपकरणों का उपयोग रोगियों की हृदय संबंधी स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए किया जाता है, जिससे उनके हृदय स्वास्थ्य का व्यापक मूल्यांकन संभव हो पाता है।
उपचार के तरीके: विभाग विभिन्न प्रकार के उपचार के तौर-तरीके प्रदान करता है, जिसमें दवा चिकित्सा, इंटरवेंशनल उपचार, सेरेब्रोवास्कुलर सर्जरी और बहुत कुछ शामिल हैं।
